आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र व स्कूल के जर्जर भवनों का होगा कायाकल्प
कलेक्ट्रेट में आयोजित समय सीमा की बैठक में कलेक्टर वसंत ने विभागवार टीएल के लंबित प्रकरणों की समीक्षा की।
कोरबा । जिले की शिक्षा, स्वास्थ्य व्यवस्था की तस्वीर आने वाले दिनों में बदलने के साथ और भी बेहतर हो जाएगी। भवनों की कमी और पुराने होकर जर्जर हो चुके भवनों को ठीक करने की दिशा में पहल करते हुए जिले के नवपदस्थ कलेक्टर अजीत वसंत ने न सिर्फ जिला शिक्षा अधिकारी, सीएमएचओ, डीपीओ से जर्जर भवनों, भवनविहीन संस्थाओं की जानकारी मांगी है। उन्होंने स्टैंडर्ड स्टीमेट भी तैयार करने की बात कही है।
कलेक्टर वसंत ने पूर्व में स्वीकृत भवनों की जानकारी भी मांगी है ताकि किसी स्थान पर दोबारा स्वीकृति न हो पाए। उन्हाेने जर्जर भवन के लिए कम से कम 15 वर्ष की सीमा तय करने के साथ यह भी कहा है कि विशेष आवश्यकता वाले जर्जर भवनों के विषय में ही विचार किया जाएगा। इसी तरह हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में जिले के विद्यार्थियों के सामान्य ज्ञान के स्तर में वृद्धि के लिए उन्होंने न्यूजडेस्क स्थापित करते हुए समाचार पत्रों को अध्ययन के लिए रखने की भी बात कही है। कलेक्ट्रेट में आयोजित समय सीमा की बैठक में कलेक्टर वसंत ने विभागवार टीएल के लंबित प्रकरणों की समीक्षा की।
उन्होंने जिले की शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी से स्कूलों में रिक्त शिक्षकों की जानकारी मांगी है, इसके साथ ही उन्होंने शिक्षण संस्थानों में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने भवनविहीन स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्र तथा आंगनबाड़ी केंद्र की जानकारी शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश देते हुए आरईएस को मानक प्राक्कलन तैयार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि विभाग में किसी को वेतन देने में अनावश्यक विलम्ब न किया जाए। पेंशन, अनुकंपा जैसे प्रकरणों पर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करें।
उन्होंने सभी जनपद सीईओ को निर्देशित किया कि सभी ग्राम पंचायतों में यह दीवार लेखन कराया जाए कि वे कलेक्टर से सोमवार और गुरूवार के दिन मिल सकते हैं। कलेक्टर ने जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग (पीवीटीजी) के शिक्षित युवाओं को नौकरी देने के निर्देश भी दिए। उन्होंने शासन के निर्देशानुसार पीवीटीजी को नौकरी देने में शैक्षणिक अहर्ताओं में शिथिलता प्रदान करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जिले में आयुष्मान कार्ड की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि निर्धारित निजी अस्पतालों में मरीजों के आयुष्मान कार्ड के आधार पर चिकित्सकीय सुविधाएं अनिवार्य उपलब्ध कराए अन्यथा उनके विरुद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। कलेक्टर ने विभिन्न एजेंसी द्वारा कराए जाने वाले निर्माण कार्यों सहित अन्य कार्यों में समय पर मजदूरी भुगतान के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए।



