एक तरफा प्रेम में नाबालिग ने चार साथियों के साथ मिलकर की थी दो किशोर की हत्या
ग्राम सलखन के दो नाबालिकों की हत्या की गुत्थी पुलिस ने 36 घंटे में सुलझा ली है। दोनों बालकों के साथ स्कूल में पढ़ने वाले सहपाठी ने ही अपने चार अन्य साथियों के साथ मिलकर एक किशोरी के एक तरफा प्रेम के कारण हत्या की थी। आरोपितों ने सिर में लोहे की राड एवं पाइप से वार कर हत्या की थी।

जांजगीर – चांपा । ग्राम सलखन के दो नाबालिकों की हत्या की गुत्थी पुलिस ने 36 घंटे में सुलझा ली है। दोनों बालकों के साथ स्कूल में पढ़ने वाले सहपाठी ने ही अपने चार अन्य साथियों के साथ मिलकर एक किशोरी के एक तरफा प्रेम के कारण हत्या की थी। आरोपितों ने सिर में लोहे की राड एवं पाइप से वार कर हत्या की थी। पुलिस ने तीनों नाबालिकों को बाल सुधार गृह और दोनों युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
मामले का पर्दाफाश करते हुए एसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि शिवरीनारायण थाना क्षेत्र के ग्राम सलखन के दो बालक दीपक टंडन (16) पिता हरिप्रसाद टंडन और राजेश यादव (15) पिता मुकुंद यादव 7 जनवरी की रात्रि 10 बजे के बाद से अचानक लापता हो गए थे। स्वजन ने आसपास ढूंढने के बाद 9 जनवरी को दोनों बालकों के गुम होने की सूचना शिवरीनारायण थाने में दी। जिस पर पुलिस धारा 363 कायम कर विवेचना कर रही थी। इस दौरान 12 जनवरी को सूचना मिली कि ग्राम बरभांठा के नहर पुल के अंदर पानी में एक व्यक्ति का शव फंसा है। शव की पहचान दीपक टंडन के रूप में की गई। वहीं इसी दिन थोड़ी दूर आगे दूसरे बालक राजेश यादव का शव पोडी डबरी फाल पुल के पास कचरे के साथ फंसा मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों के शव का पंचनामा कर पीएम के लिए भेजा गया। शार्ट पीएम रिपोर्ट के अनुसार सिर में चोट के कारण मृत्यु होने की पुष्टि होने पर प्रकरण में धारा 302, 201 जोड़कर विवेचना शुरू की गई।
पुलिस ने बरभांठा, सलखन और रास्ते में पड़ने वाले एक पेट्रोल पंप का सीसीटीवी फुटेज खंगाले। पुलिस को बरभांठा के घटना स्थल के पास लगे एक किराना दुकान के सीसीटीवी में राजेश यादव अपने दोस्त दीपक के साथ आते दिखा मगर वह वापस जाते नहीं दिखा। पुलिस ने आरोपित किशोर से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह अपने दो अन्य किशोर साथियों और बरभांठा निवासी मुख्य आरोपित हेंमत प्रसाद बंजारे पिता सुकालू प्रसाद बंजारे 21 और प्रभात भैना पिता आनंद राम भैना 19 दोनों के साथ मिलकर राजेश यादव को रास्ते से हटाने की योजना बनाई थी। पुलिस ने धारा 363, 302, 201, 120 बी, 147, 149, 325 के तहत तीनों नाबालिकों को गिरफ्तार कर बाल सुधार गृह और दोनों युवकों को जेल भेज दिया।
एक ही किशोरी से दोनों करते थे प्रेम
विवेचना के दौरान पुलिस को पता चला कि मृतक राजेश यादव अपने स्कूल में पढ़ने वाली एक किशोरी से प्रेम करता था। वहीं उसके स्कूल में बरभाठा का एक किशोर भी 11 वीं कक्षा में पढ़ता था। राजेश ने उससे पहले दोस्ती की और फिर उस किशोरी को देखने के लिए वह उसके घर आता जाता था। जबकि वह दूसरा नाबालिक भी उसी किशोरी को पसंद करता था। दोनों ही उस किशोरी के साथ एक तरफा प्रेम करते थे। जिसे लेकर उनके बीच आपस में मनमुटाव था। इधर जिस किशोरी को लेकर दो नाबालिकों की हत्या हुई उन सबसे वह अनजान है।
इस तरह दिया वारदात को अंजाम
योजना के अनुसार अनुसार राजेश यादव को उसके प्रेमिका से मिलाने के बहाने रात्रि लगभग 10:30 बजे ग्राम बरभांठा के पानी टंकी के पास स्थित नहर फाल के पास बुलाया गया। सभी आरोपित नहर के झाडियों में लोहे की राड तथा पाइप लेकर छिपे थे। राजेश अपने दोस्त दीपक टंडन के साथ बाइक से वहां पहुंचा। दोनों के वहां पहुंचते ही उनके सिर में जानलेवा हमला कर दिया गया जिससे उनकी मौत हो गई। दोनों के शवों को नहर के फाल के गड्ढे में डालकर पास के खेत में रखे धान का पैरा लाकर ढक दिए और बाइक को घटना स्थल से लगभग दो किमी दूर मुड़पार के तालाब में छिपा दिये थे।
मोबाइल बंद कर छोड़ दिए थे घर में
एसपी ने बताया कि आरोपितों ने क्राइम सीरियल देखकर हत्या जैसे गंभीर अपराध को अंजाम देने की योजना बनाई थी। अपराध का मास्टर माइंड बरभांठा निवासी हेंमत प्रसाद बंजारे है। उसी ने ही किस तरह वारदात को अंजाम देना है इसकी योजना तैयार की थी। उसको पता था कि पुलिस मोबाइल लोकेशन के आधार पर उन तक पहुंच सकती है। इसलिए उसने सभी साथियों से कह दिया था कि सभी अपना मोबाइल बंद कर घर में छोड़ देंगे। सभी आरोपितों ने वैसे ही किया था। उन्होंने बताया कि गांव में इन आरोपितों की अच्छी छवि नहीं है।
गुत्थी सुलझाने में इनकी रही भूमिका
दोनों बालकों के अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने के लिए एसपी विजय अग्रवाल ने एएसपी अनिल सोनी के नेतृत्व में टीम बनाई थी। टीम ने दो दिनों तक गांव में कैंप किया था। टीम में एसडीओपी मुख्यालय विजय पैकरा, एसडीओपी चांपा यदुमणी सिदार के साथ साइबर सेल प्रभारी प्रवीण कुमार द्विवेदी, एसआई पारस पटेल, प्रधान आरक्षक राजकुमार चद्रा, बलबीर सिंह, विवेक सिंह, आरक्षक गिरीश कश्यप, अर्जुन यादव, थाना प्रभारी मुलमुला सागर पाठक, चौकी प्रभारी पंतोरा दिलीप सिंह, थाना प्रभारी शिवरीनारायण अशोक द्विवेदी, प्रधान आरक्षक तारिकेश पांडे आरक्षक श्रीकांत सिंह , एएसआई रामप्रसाद बघेल, प्रधान आरक्षक विरेन्द्र टण्डन शामिल थे।
क्राइम सीरियल से बढ़ रही अपराध की प्रवृत्ति
एसपी विजय अग्रवाल ने कहा कि किशोरों में अपराध की प्रवृत्ति बढ़ रही है। क्राइम सीरियल देखकर किशोर अपराध की तरफ कदम बढ़ा रहे हैं। किसी भी वारदात को अंजाम देने के पहले किशोर पूरी प्लानिंग करते हैं। छोटी छोटी बातों को लेकर बदला लेने की मानसिकता बना लेते हैं, यह चिंता का विषय है। सलखन के दोनों नाबालिकों की हत्या में शामिल तीन किशोर और दो युवकों ने भी वारदात को अंजाम देने के पहले क्राइम सीरियल देखकर प्लानिंग की थी।



