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कटघोरा के लिथियम ब्लाक की नीलामी में तीन कंपनियों ने दिखाई रुचि

कटघोरा के घुंचापुर लिथियम खदान के लिए उत्खनन क्षेत्र में दक्ष तीन कंपनियों ने रूचि दिखाई है। इनमें एक अर्जेंटीना की कंपनी भी शामिल है। 16 जनवरी तक निविदा प्रपत्र बिक्री व बोली जमा करने की अंतिम तिथि 22 जनवरी निर्धारित की गई है।

कोरबा। कटघोरा के घुंचापुर लिथियम खदान के लिए उत्खनन क्षेत्र में दक्ष तीन कंपनियों ने रूचि दिखाई है। इनमें एक अर्जेंटीना की कंपनी भी शामिल है। 16 जनवरी तक निविदा प्रपत्र बिक्री व बोली जमा करने की अंतिम तिथि 22 जनवरी निर्धारित की गई है।


फरवरी 2023 में जिले की कटघोरा तहसील में हवाई सर्वे के दौरान बेशकीमती लिथियम के काफी मात्रा में होने की जानकारी मिली थी। सर्वे के अनुसार कटघोरा-घुंचापुर क्षेत्र के 256.12 हेक्टेयर में लिथियम ब्लाक फैला हुआ हैं। इसमें 84.86 हेक्टेयर वन भूमि है। लिथियम एंड री ब्लाक का जी-4 सर्वे का कार्य पूर्ण हो चुका हैं। इसके अनुसार पर्याप्त मात्रा में रेअर अर्थ एलिमेंट्स की उपलब्धता है। देशभर के 20 मिनरल्स ब्लाक्स की चल रही नीलामी प्रक्रिया में छत्तीसगढ़ का कटघोरा लिथियम ब्लाक भी शामिल है। कटघोरा लिथियम ब्लाक के लिए अब तक खनिज विदेश इंडिया लिमिटेड, श्री सीमेंट के साथ अर्जेंटीना की एक कंपनी ने नीलामी प्रक्रिया में भाग लिया है। कटघोरा के घुंचापुर में 256.12 हेक्टेयर में लिथियम का भंडार है। ब्लाक की नीलामी से मिलने वाला राजस्व राज्य सरकार के भी खाते में जाएगा। नीलामी से जुटाया गया राजस्व राज्य सरकार को भी मिलेगा। क्षेत्र में लिथियम की उपलब्धता को लेकर सर्वे किया गया था। 100 स्क्वायर किलोमीटर क्षेत्र से 138 नमूने एकत्र किए गए थे।

पर्यावरण हितैषी व्हीकल की घटेगी लागत

देश में ही लिथियम का स्त्रोत पर अधिकार होने पर दूसरे देश पर भारत की निर्भरता कम होगी। साथ ही देश के अंदर बैटरी निर्माण करना आसान हो जाएगा। लिथियम के इस स्रोत से देश में ही बड़े स्तर पर हरित ऊर्जा में सहयोगी बैटरी निर्माण करना आसान होगा। पर्यावरण हितैषी इलेक्ट्रिक व्हीकल की लागत में भी कमी आएगी। नीति आयोग एक बैटरी मैन्युफैक्चरिंग प्रोग्राम भी तैयार कर रही है। बैटरी की गीगा फैक्ट्री लगाने वालों को छूट भी दी जाएगी। इलेक्ट्रिक व्हीकल की कुल कीमत में भी कमी आएगी, क्योंकि बैटरी की कीमत पूरी गाड़ी की कीमत की 30 प्रतिशत होती है।

57.36 लाख रुपये में एक टन

लिथियम की दुनिया भर में काफी मांग है। यही वजह से इसे व्हाइट गोल्ड भी कहा जाता है। ग्लोबल मार्केट में एक टन लिथियम की कीमत 57.36 लाख रुपये है। विश्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2050 तक लिथियम की वैश्विक मांग में 500 प्रतिशत की वृद्धि होगी। इसलिए भारत में लिथियम का अपार भंडार मिलना देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी बेहतर संकेत दे रहा है।

कुछ बड़ी कंपनियों के सामने आने की संभावना

निविदा दस्तावेज खरीदने वाली कंपनियों में शामिल खनिज विदेश इंडिया लिमिटेड खान मंत्रालय की गठित की गई कंपनी है। यह नेशनल एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड, हिंदुस्तान कापर लिमिटेड और मिनरल एक्सप्लोरेशन एंड कंसलटेंसी लिमिटेड की एक संयुक्त कंपनी है। बोली जमा करने अभी एक सप्ताह का समय शेष है। इस बीच कुछ और बड़ी कंपनियों के सामने आने की संभावना है।


Suraj Tandekar

Chief Editor

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