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किसान मेले में दुकानों के आबंटन को लेकर व्यापारी नाराज

किसान मेले में सर्वाधिक दुकानदार स्थानीय न होकर बाहरी ही होते हैं और स्थानीय जरूरतमंद दुकानदार इधर- उधर भटकते हैं।

कटघोरा । कटघोरा का प्रसिद्ध किसान मेला प्रारंभ हो चुका है। नगर पालिका द्वारा दुकान आबंटन को लेकर आवेदन भी लिया गया था, बावजूद दुकान आबंटन को लेकर भारी गहमागहमी का माहौल है। कटघोरा व आसपास के व्यापारियों को दुकान लगाने प्राथमिकता के आधार पर नगर पालिका द्वारा दुकान आबंटित की जाती है, लेकिन कुछ दुकानदार अपने आबंटित दुकानों को दूसरे दुकानदारों को बेच देते है और जरूरतमंद दुकानदार इससे वंचित रह जाते हैं। मेला शुरू होने के बाद भी कुछ व्यापारी दुकान के लिए मेले में भटकते नज़र आ रहे हैं। नगर पालिका द्वारा दुकान आबंटन को लेकर जो प्रक्रिया प्रारंभ की थी उसके आधार पर मेले में आबंटित दुकानदार कम ही नजर आएंगे। इनमें अधिकांश दुकानदार अपनी दुकानों को दूसरे व्यापारियों से रकम देकर बेच दी जाती है। ऐसा नहीं है कि नगर पालिका को इसकी जानकारी नहीं है, बावजूद नगर पालिका द्वारा इस पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। किसान मेले में सर्वाधिक दुकानदार स्थानीय न होकर बाहरी ही होते हैं और स्थानीय जरूरतमंद दुकानदार इधर- उधर भटकते हैं।

नगर पालिका आबंटित दुकानदारों की नहीं देती जानकारी

किसान मेले में दुकान आबंटन को लेकर मेला शुरू होने से पूर्व ही गहमागहमी शुरू हो जाती है। व्यापारियों का आरोप है कि नगर पालिका दुकान आबंटन को लेकर निर्धारित नियमों के विपरीत सांठगांठ कर ली जाती है। नगर पालिका परिषद में यदि किसान मेले में आबंटित दुकानदारों की सूची की जानकारी मांगो तो वे इसकी जानकारी भी नही देते है। इससे साफ जाहिर होता है कि दुकानदारों व नगर पालिका के बीच आपसी सांठ गांठ से ही दुकान आबंटन की प्रक्रिया होती है

प्रशासनिक अधिकारी नहीं ले रहे संज्ञान

किसान मेला में दुकान आबंटन को लेकर जिस प्रकार से भर्राशाही होती है, उससे जरूरतमंद दुकानदारों में नाराज़गी बनी हुई है। प्रशासन को भी इस आयोजन में अपनी सहभागिता निभाते हुए दुकान आबंटन को लेकर मौके पर जांच की जानी चाहिए, ताकि पता चल सके कि वास्तविक दुकानदार ही दुकान संचालन कर रहा है।


Suraj Tandekar

Chief Editor

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