Bilaspur

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में डायरिया से एक और मासूम की मौत… खुले कुएं का दूषित पानी पीने से फैल रही बीमारी

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में डायरिया से मरने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। खासतौर पर बच्चों पर इसका ज्यादा असर हो रहा है। अब तक तीन बच्चों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य अमला अलर्ट मोड पर है। लगातार जांच की जा रही है।

the Bharat Times 24 news बिलासपुर (Diarrhea in Bilaspur)। छत्तीसगढ़ में बिलासपुर जिले के बूढ़ीखार गांव में डायरिया से दो साल के मासूम की मौत हो गई है। जिले में डायरिया से यह तीसरी मौत है। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है। प्रभावित गांवों में ही कैंप लगाकर मरीजों का पता लगाया जा रहा है और इलाज किया जा रहा है।

जांच में मृतक बच्चे के घर के आसपास डायरिया के 10 और मरीज मिले हैं। प्रारंभिक जांच में दूषित पानी की वजह से बीमार होने की आशंका जताई गई है।


जैसे-तैसे रात काटी, सुबह अस्पताल में मौत
मस्तूरी विकासखंड अंतर्गत मल्हार चौकी के ग्राम बूढ़ीखार में डायरिया फैल गया। 24 घंटे के भीतर ही एक बच्चे की मौत हो गई। गांव में रहने वाले राजकुमार कैवर्त के तीनों बच्चे एक के बाद एक बीमार पड़ने लगे। उन्हें बुखार आने के साथ उल्टी होने लगी। इस दौरान दो साल के बच्चे वीर कैवर्त की हालत कुछ ज्यादा बिगड़ने लगी।

जैसे-तैसे रात काटने के बाद सुबह पांच बजे के आसपास बच्चे को लेकर मल्हार स्थित हॉस्पिटल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद हालत खराब होने की जानकारी देते हुए तत्काल मस्तूरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने की बात कही। स्वजन उसे लेकर सुबह आठ बजे मस्तूरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। यहां इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई।

ग्रामीण पी रहे कुएं का पानी, आसपास फैली है गंदगी
जानकारी लगते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंचकर जांच में जुट गई।
जांच में 10 मरीज डायरिया से पीड़ित मिला। उनका इलाज किया जा रहा है।
डॉक्टरों ने गांव में शिविर लगाकर और मरीज खोजने का काम शुरू किया है।

बूढ़ीखार के वार्ड 7 केवट मोहल्ला में डायरिया फैला है। यहां कोई हैंडपंप नहीं है।
ग्रामीण पास में स्थिति खुले कुएं का पानी पीते हैं। इसके आसपास गंदगी रहती है।
आशंका है कि कुएं के पानी के दूषित होने के कारण गांव में डायरिया फैल गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने कुएं के पानी का सैंपल लिया है और क्लोरीन टेबलेट बांटी है।

कुएं का पानी जांच के लिए भेजा
एक बच्चे की मौत का मामला सामने आया है। उसकी मौत डायरिया से हुई है या किसी अन्य कारण से हुई है, यह जांच का विषय है। गांव में उल्टी-दस्त के और भी मरीज मिले हैं। इन बातों को ध्यान में गांव में स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया है। कुएं के पानी का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया है।- डॉ. अनिल कुमार, मस्तूरी बीएमओ

गांवों में मलेरिया और डायरिया का कहर, डॉक्टर एक साल से नदारद
कोटा ब्लॉक के ग्रामीण क्षेत्रों में मलेरिया और डायरिया के प्रकोप के बाद कलेक्टर अवनीश शरण व एसपी रजनेश सिंह ने दौरा किया। बेलगहना के अस्पताल में पदस्थ डॉ. स्पर्श गुप्ता बीते एक साल से बिना बताए ड्यूटी से नदारद हैं। नाराज कलेक्टर ने इसे लापरवाही मानते हुए डॉ. गुप्ता के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजने सीएमएचओ को निर्देश जारी किया है।


Suraj Tandekar

Chief Editor

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