देशभर में आज मनाया जाएगा ‘करवा चौथ’ का त्योहार, कब दिखेगा आपके शहर में चांद; देखें लिस्ट
Karwa Chauth Vrat 2023 करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाएं द्वारा अपने पति के लंबी उम्र के लिए किया जाता है। वहीं अब कई पति भी अपनी पत्नियों के साथ करवा चौथ का व्रत रखते हैं। इस साल करवा चौथ का यह व्रत 01 नवंबर बुधवार के दिन रखा जाएगा।
दिल्ली। Karwa Chauth 2023 LIve करवा चौथ का व्रत महिलायें अपनी पतियों के लंबी उम्र के लिए करती हैं। यह त्योहार हर साल मनाया जाता है। इस दिन महिलायें दिनभर बिना अन्न और जल के व्रत रखी हैं और शाम को छलनी से चांद को देखकर (Karwa Chauth Moonrise Time Today) अपना व्रत खोलती हैं। इस दिन सुहागिनों को चांद के दीदार का बेसब्री से इंतजार रहता है।
अगर हम बात करें करवा चौथ पूजा की मुहूर्त (Karwa Chauth Puja Shubh Muhurat) और चंद्रोदय के समय (Aaj Karwa Chauth Ka Chand kab Niklega) के बारे में तो इस बार करवा चौथ पूजा मुहूर्त – शाम 06:05 बजे से शाम 07:21 बजे तक है। तो वहीं, करवा चौथ व्रत का समय – सुबह 06:39 बजे से रात 08:59 बजे तक रहेगा। इसके अलावा चंद्रोदय का समय – रात्रि 08:59 बजे
Karwa Chauth 2023: क्या है करवा चौथ व्रत के पीछे की कहानी
करवा चौथ का व्रत रखने के पीछे एक पौराणिक कथा है। कथा के अनुसार करवा नाम की एक स्त्री अपने पति के साथ तुंगभद्रा नदी के किनारे स्थित एक गांव में रहती थीं। उनके पति बुढ़े और निर्बल थे। एक दिन नदी के किनारे स्नान के दौरान मगरमच्छ ने उनका पैर पकड़ लिया। वह करवा कहकर अपनी पत्नी को पुकारने लगे। पति की पुकार सुन करवा वहां पहुंचीं। करवा के पतिव्रता धर्म का पालन करने से उनके सतीत्व में काफी शक्ति थी। करवा ने अपने पति के प्राण संकट में देख यमराज से प्रार्थना की। करवा के पतिव्रता होने के कारण यमराज ने उनकी प्रार्थना स्वीकार की और पूछा कि हे देवी आप क्या चाहती हैं।
इस पर करवा ने कहा कि मेरे पति के प्राण उस मगरमच्छ के कारण संकट में पड़े हैं। आप उसे मृत्यु दंड दे दीजिए। इसपर यमराज ने कहा कि मगरमच्छ की आयु अभी शेष बची है। तब करवा ने कहा कि यदि आपने उस मगरमच्छ को मृत्यु दंड नहीं दिया, तो मैं अपने तपोबल से आपको श्राप दे दूंगी।
उसका साहस देख यमराज भी डर गए और मगरमच्छ को यमपुरी भेज दिया। साथ ही करवा के पति को दीर्घायु होने का वरदान दिया। उसी समय से करवा चौथ व्रत प्रचलन में आया।
करवा चौथ पर चार योगों का एक साथ बन रहा संयोग
Chauth 2023 Live: इस बार करवा चौथे पर बुद्ध, आदित्य, शिव, और सर्वार्थ सिद्धि योग का महासंयोग बना है। यह 100 साल के बाद हो रहा है। ज्योतिषियों के अनुसार, इस महासंयोग पर करवा चौथ के व्रत और पूजा वैवाहिक जीवन के लिए सुख, समृद्धि, और पुण्य का फल देगा।
करवा चौथ के मौके पर बाजारों में दिखी महिलाओं की भीड़
Karwa Chauth 2023: करवा चौथ के मद्देनजर चंडीगढ़ के बाजारों में मेंहदी लगवाने के लिए महिलाओं की भीड़ देखने को मिली। वहीं, दिल्ली में भी करवा चौथ के मद्देनजर बाजारों में मेंहदी लगवाने के लिए महिलाओं की भारी भीड़ दिखाई दी।
करवा चौथ पर हो रहा है ‘शिव योग’ का निर्माण
विवाहित महिलाओं के लिए करवा चौथ बहुत महत्व रखता है लेकिन इसका महत्व इस बार और भी अधिक बढ़ने वाला है क्योंकि इस दिन अत्यंत लाभकारी शिव योग का निर्माण हो रहा है। इस दिन करवा माता के आशीर्वाद के साथ भगवान शिव का भी अशीर्वाद मिलेगा। इस योग में शुभ कार्य कर सकते हैं। शिव योग का निर्माण दोपहर 02 बजकर 07 मिनट से आरंभ हो रहा है यह योग अगले दिन 2 नवंबर तक रहेगा।
करवा चौथ पर इन मंत्रों की अराधना के साथ करें पूजा
Karwa Chauth Vrat: काशी विद्वत परिषद के संगठन मंत्री प्रो. विनय पांडेय के अनुसार तिथि विशेष पर पूरे दिन उपवास रख कर रात्रि में सौभाग्य की अधिष्ठात्री देवी गौरी की ‘शिवायै शर्वाण्यै सौभाग्यं सन्ततिं शुभाम्। प्रयच्छ भक्तियुक्तानां नारीणां हरवल्लभे।।’ मंत्र से आराधना कर शिव परिवार की पूजा करनी चाहिए।
कब मनाया जाता है करवा चौथ?
हर साल कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ पर्व मनाया जाता है। करवा चौथ पर महिलाएं अपने पति के लिए निर्जला उपवास रखती है।
कैसे करें पूजा?
शाम के समय पट्टिका के स्थान पर एक चौकी रखें और उस पर माता पार्वती और भगवान शिव की तस्वीर लगाएं। तस्वीर के सामने बैठकर विधिवत शिव परिवार की पूजा करें। आरती के साथ पूजा का समापन करें। अंत में चंद्रमा को अर्घ्य दें। इसके बाद पति के हाथों जल पीकर व्रत का पारण करें।
क्या है पूजा की विधि?
करवा चौथ की पूजा शाम को चंद्रोदय के बाद की जाती है। सबसे पहले इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें, स्वच्छ कपड़े पहनें और शिव परिवार के सामने हाथ जोड़कर व्रत का संकल्प लें। शाम की पूजा के लिए घर की दीवार पर गेरू से एक पट्टिका बनाएं और उस पट्टिका पर करवा का चित्र बनाएं।
करवा चौथ पूजा शुभ मुहूर्त
व्रत का समय सुबह 06:33 मिनट से शाम 08:15 मिनट तक है। पूजा का समय शाम 05:36 मिनट से 06:54 मिनट तक है। शिव योग दिन में 02 बजकर 17 मिनट से, जबकि सर्वार्थ सिद्धि योग दिन भर रहेगा।
पति का चेहरा देखकर व्रत खोलेंगी सुहागनें
करवा चौथ के दिन विवाहित महिलाएं निर्जला उपवास रख पूजा करती हैं। महिलाएं छलनी से अपने पति का चेहरा देखकर व्रत खोलती हैं।
इस करवा चौथ पर बन रहा है दुर्लभ ‘शिव’ योग
Karwa Chauth 2023: इस वर्ष 1 नवंबर को करवा चौथ का त्योहार मनाया जा रहा है। इस दिन विवाहित महिलाएं करवा माता की विशेष पूजा-अर्चना करती हैं। साथ ही अखंड सुहाग हेतु करवा माता के निमित्त व्रत-उपवास रखती हैं। धार्मिक मान्यता है कि करवा चौथ का व्रत करने से विवाहित महिलाओं को सुख और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। ज्योतिषियों की मानें तो इस बार करवा चौथ पर दुर्लभ शिव योग का निर्माण हो रहा है। इस योग में माता करवा की पूजा करने से व्रती को महादेव का आशीर्वाद प्राप्त होगा।

