रेत चोरी का खेल आधी रात से होता है चालू शासन प्रशासन मुख् दर्शन दर्शन
The Bharat Times 24 news Korba:-एनजीटी पर्यावरण से संबंधित सात कानूनों के तहत मामलों से निपटता है, इनमें शामिल हैं: जल (प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम, 1974, जल (प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण) उपकर अधिनियम, 1977, वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980, वायु (प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम, 1981 है,
किंतु चंद पैसे की लालच में
रात के अंधेरे में एनजीटी के नियमों की उल्लंघन कर अत्यधिक मात्रा में रेत चोरी की की घटना रेत माफिया द्वारा बड़े पैमाने में की जा रही है और अत्यधिक लाभ कमाने के चक्कर में आम जनता को दुगने से चोगने दामों पर रेत को बेचा जा रहा है
शासन प्रशासन की मिलीभगत।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस प्रकार की घटना बिना शासन प्रशासन की अनुमति के नहीं हो सकता संबंधित क्षेत्र में निवासरत लोगों ने माइनिंग अधिकारी व पुलिस प्रशासन से फोन से इसकी शिकायत की किंतु कोई भी संतुष्टीजनक जवाब नहीं मिल सका है
रेत उत्खनन वाले स्थान पर बाहरी तत्वों के गुंडे प्रवृत्ति के लोग स्कॉर्पियो में बैठकर पहरेदारी करते हैं जिनके पास लाठी डंडा वा लोहे के हथियार मौजूद रहते हैं।
अब देखने की बात यह रहती कि शासन प्रशासन इस पर कब संज्ञान लेते हुए कड़ी कार्रवाई करता है क्योंकि विगत में स्थानीय लोगों का कहना है कि इस प्रकार से पूर्व में भी रेत चोरी की किस प्रकार की घटना हुई है जिसमें कई लोगों को तेज रफ्तार ट्रैक्टर चलने से वाहन दुर्घटना से गुजर ना पड़ा है इस प्रकार की घटना कभी भी किसी प्रकार की व्यक्ति की आधी रात मैं जान जा सकती है चंद पैसों की लालच में शासन प्रशासन बिका हुआ है स्थानीय लोगों का कहना है राताखार तुलसी नगर गेवरा घाट में रेत चोरी की घटना बंद नहीं होते तो बड़े स्तर पर स्थानीय लोगों का प्रदर्शन होगा
शासन प्रशासन के आड़ में नाम लेकर रेत माफियाओं द्वारा अवैध उत्खनन किया जा रहा है जिस पर शासन कब कड़ी कार्रवाई करती है देखने की बात है



