रोजगार नहीं मिलने पर खदान में बेरोजगारों ने कराया काम बंद
एसईसीएल व ठेका कंपनी के अधिकारी स्थल पर पहुंचे और आंदोलनकारियों से चर्चा की। इसके साथ ही चार बेरोजगारों को नियोजित करने की पहल की गई, तब आंदोलन समाप्त किया गया।
कोरबा । गेवरा परियोजना से प्रभावित ग्राम नराईबोध भठोरा भिलाई बाजार धरमपुर रलिया अमगांव सराईसिंगार के बेरोजगार ग्रामीणों ने रोजगार की मांग पर पुन: खदान में उतर कर परिवहन कार्य बंद करा प्रदर्शन किए। जानकारी मिलते ही एसईसीएल व ठेका कंपनी के अधिकारी स्थल पर पहुंचे और आंदोलनकारियों से चर्चा की। इसके साथ ही चार बेरोजगारों को नियोजित करने की पहल की गई, तब आंदोलन समाप्त किया गया।
साऊथ ईस्टर्न कोलफिल्डस लिमिटेड (एसईसीएल) की गेवरा खदान में आउटसोर्सिंग से नियोजित कंपनियो में स्थानीय लोगों के बजाय बाहरी लोगों को काम पर रखा जा रहा है। इससे स्थानीय युवा बेरोजगार घूम रहे हैं। प्रभावित गांव के बेरोजगार व ग्रामीणों ने स्थानीय लोगों को काम देने की मांग करते हुए पिछले दिनों खदान का काम बंद कराया था, तब प्रबंधन व आउटसोर्सिंग कंपनी के अधिकारियों ने एक सप्ताह के भीतर नौकरी देने का आश्वासन दिया, पर सकारात्मक पहल नहीं हुई। एसईसीएल प्रबंधन व कंपनी के अधिकारियों के वादे से मुकरने पर बेरोजगार ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा और बेरोजगार ग्रामीण खदान में पहुंच कर काम बंद करा दिए।
छह घंटे बाद एसईसीएल प्रबंधन व आउटसोर्सिंग कंपनियों के अधिकारियों ने चार बेरोजगारों को नियोजित करने की पहल किया गया तब जाकर आंदोलन को स्थगित किया। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक सभी बेरोजगारों को आउटसोर्सिंग कंपनियों में रोजगार नहीं दे देती तब तक आंदोलन व संघर्ष जारी रहेगा। विनोद कुर्रे तुलेश्वर बैरागी कुश बंजारा ने बताया कि कई दफे गेवरा खदान में बेरोजगारों की रोजगार की मांग को लेकर खदान को बंद किया गया। जल्द ही सभी लोगों को नियोजित नहीं किया जाता है, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।



