Chhattisgarh

सेल का भिलाई स्टील प्लांट संयंत्र परिसर, टाउनशिप, जलाशय में सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित करेगा

देश सोलर एनर्जी का उपयोग बढ़ता जा रहा है। इस ग्रीन एनर्जी का उपयोग कॉर्पोरेट सेक्टर में भी बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में भिलाई स्थित स्टील प्लांट में सोलर एनर्जी सिस्टम लगाया जाएगा।

दुर्गः देश भर में सोलर एनर्जी का उपयोग लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी एक कदम दुर्ग स्थित भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) और आगे बढ़ गया है। भिलाई में अपने प्लांट परिसर और टाउनशिप की अलग अलग बिल्डिंग्स की छतों पर सौर ऊर्जा उत्पादन प्रणाली ( सोलर एनर्जी सिस्टम) स्थापित करने का निर्णय लिया है। देश की सबसे बड़ी इस्पात निर्माता कंपनी सेल की प्रमुख इकाई बीएसपी ने हाल ही में यूनिट के परिसर के भीतर सौर ऊर्जा उत्पादन परियोजना के लिए छत्तीसगढ़ राज्य नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी (क्रेडा) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

2 मेगावाट बिजली का होगा उत्पादन
एग्रीमेंट साइन करने वाले अधिकारियों ने बताया कि प्लांट में सोलर एनर्जी सिस्टम स्थापित करने की इस योजना से लगभग 2 मेगावाट बिजली पैदा होगी।

बिजली उत्पादन के साथ पर्यावरण की सुरक्षा
इसके अलावा, टाउनशिप में आवासों और ऑफिस की छत पर सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित करने की परियोजना भी चल रही है। जिसमें लगभग 3 मेगावाट बिजली पैदा करने की क्षमता है। इन दोनों परियोजनाओं के पूरा होने पर हर साल 2,900 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आएगी। जिससे पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी।

रिजर्वायर में फ्लोटिंग सोलर प्लांट किया स्थापित
इस साल 9 मई को मरौदा-1 जलाशय में 15 मेगावाट क्षमता के फ्लोटिंग सोलर प्लांट की स्थापना के लिए बीएसपी और एनटीपीसी-सेल पावर सप्लाई कंपनी लिमिटेड (एनएसपीसीएल) के बीच एक बिजली खरीद समझौते (पीपीए) पर भी हस्ताक्षर किए गए थे। जिससे ऊर्जा के संरक्षण और अक्षय ऊर्जा संसाधनों को बढ़ावा देने के साथ-साथ संयंत्र के कार्बन फुटप्रिंट में सुधार होगा।

राज्य में पहली तरह का प्रयोग
फ्लोटिंग सोलर प्लांट राज्य में अपनी तरह का पहला होगा और अगले साल तक पूरा होने वाला है। इस संयंत्र से अनुमानित कुल हरित बिजली उत्पादन सालाना लगभग 34.26 मिलियन यूनिट होने की संभावना है, जिसकी खपत बीएसपी द्वारा कैप्टिव पावर के रूप में की जाएगी।


Suraj Tandekar

Chief Editor

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