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न नौकरी मिली न मुआवजा: सीजीएम कार्यालय के गेट पर जड़ा ताला, भूविस्थापितों ने एसईसीएल के खिलाफ जमकर की नारेबाजी.

दीपिका क्षेत्र की कोयला खदान के लिए जमीन देने वाले आसपास के लोगों को कई प्रकार के मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है। अपनी जमीन अर्जित होने के कई वर्ष बीतने के बाद भी इन लोगों को न तो रोजगार मिल सका है और न ही दूसरी सुविधाएं।

साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड दीपिका क्षेत्र में कई प्रकार की समस्याओं से जूझ रहे विस्थापितों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। तीन महीने पहले अल्टीमेटम देने पर भी जब कोई काम नहीं हुआ तो उन्होंने दीपिका में मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय के गेट पर ताला जड़ दिया और नारेबाजी की। मामले को देखते हुए यहां पुलिस बल और विभागीय सुरक्षा कर्मियों ने मोर्चा संभाला।

दीपिका क्षेत्र की कोयला खदान के लिए जमीन देने वाले आसपास के लोगों को कई प्रकार के मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है। अपनी जमीन अर्जित होने के कई वर्ष बीतने के बाद भी इन लोगों को न तो रोजगार मिल सका है और न ही दूसरी सुविधाएं। विस्थापित समुदाय के द्वारा ऐसे मसले को लेकर प्रबंधन को अल्टीमेटम दिया गया था और तीन महीने के बाद चरणबद्ध आंदोलन करने की घोषणा की गई थी।


इसके अंतर्गत पहले चरण में सीजीएम कार्यालय दीपिका के मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला बंद कर दिया गया। इसके बाद प्रदर्शन कार्यों ने मौके पर नारेबाजी की। उनका आरोप है कि तीन दशक से भी पहले उनकी जमीन ली गई थी, लेकिन अब तक नौकरी का पता नहीं है। भूविस्थापित कविता कंवर ने बताया कि एसईसीएल काफी लंबे समय से भू-स्थापितो के साथ छलावा करते आ रहे हैं। जमीन तो ले ली, लेकिन नौकरी और मुआवजा के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। कई बार आंदोलन किया और प्रदर्शन किया, लेकिन प्रबंधन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा। मजबूरन आज गेट बंद करना पड़ा।

प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए यहां पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किया गया। प्रदर्शन करने वाले लोगों ने ऐलान किया है कि तालाबंदी अभियान शुरुआती स्तर की योजना का हिस्सा है। इसके आगे अलग-अलग चरण में कई प्रकार से प्रदर्शन किए जाएंगे और साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के अधिकारियों को अपना उदासीन रवैया समाप्त करने के लिए मजबूर किया जाएगा।


Suraj Tandekar

Chief Editor

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