रायपुर। छत्तीसगढ़ में सीआरपीएफ की लगभग 40 कंपनियां पहुंच रही हैं। इस बड़े ऑपरेशन के बाद छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के गढ़ कहे जाने वाले हर इलाके तक सुरक्षा बलों की पहुंच होगी। पिछले दिनों में सुकमा के ऐसे इलाके, जिनकी पहचान नक्सलियों के बटालियन मुख्यालय के तौर पर होती रही है, वहां पर सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस ने कैंप स्थापित कर लिया है। सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस ने नया कैंप सुकमा बीजापुर जिले की सीमा पर दुलेड़ व मेटागुड़ा के बीच में स्थापित किया गया है। इस साल नक्सल प्रभावित इलाकों में करीब 44 नए सिक्योरिटी कैंप स्थापित होंगे।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, गृह मंत्री अमित शाह यह बात कह चुके हैं कि दो साल के भीतर देश का ऐसा कोई भी हिस्सा बचा न रहे, जहां पर नक्सलियों का प्रभाव हो। ऐसे इलाकों तक सुरक्षा बलों की पहुंच न हो। यही वजह है कि इस साल नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई प्रारंभ होने जा रही है। छत्तीसगढ़ को छोड़कर देश के बाकी हिस्सों में नक्सली घटनाओं पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है। झारखंड में गत वर्ष ही सुरक्षा बलों ने हर उस इलाके तक अपनी पहुंच बना ली थी, जिन्हें नक्सलियों का गढ़ माना जाता था। कई इलाकों से नक्सलियों को खदेड़ कर सुरक्षा बलों ने अपने स्थायी कैंप स्थापित कर लिए थे। जहां पर भी सुरक्षा बलों का कैंप स्थापित होता है, उस इलाके में विकास के कार्य भी तुरंत रफ्तार पकड़ लेते हैं। ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार आने लगता है।
नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई प्रारंभ, CRPF की 40 कंपनियां छत्तीसगढ़ में चलाएगी ऑपरेशन हंटर
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