Korba

केंद्र की नीतियों की वजह से देश के मेहनतकश कामगार संकट में

बैठक में एमएल रजक, एसके सिंह, सुनील सिंह, धर्मेंद्र सिंह, एनके दास, कमर बख्श, सुभाष सिंह, राजेश पांडे, उज्जवल बनर्जी, नंदकिशोर साव, रेवत मिश्रा, मनोज शर्मा, प्रमोद बनर्जी,रामफल आदि उपस्थित रहे।

कोरबा। केंद्र सरकार के श्रम, राष्ट्र व आर्थिक नितियों का विरोध करते केंद्रीय मान्यता प्राप्त संयुक्त श्रमिक संगठन ने 16 फरवरी को औद्योगिक हड़ताल की घोषणा की है। हड़ताल में सरकारी, गैरसरकारी सभी क्षेत्र के अलावा राज्य सरकारों के अधिन आने वाले सभी संस्थानों में कार्यरत कर्मचारी भी हड़ताल मे शामिल रहेंगे। कोरबा औद्योगिक जिला में प्रस्तावित हड़ताल को सफल बनाने के लिए एटक कार्यालय में श्रम संगठन एटक, इंटक, सीटू एवं एचएमएस से जुड़े श्रमिक नेताओं की बैठक आयोजित की गई। राज्य एटक के कार्यवाहक अध्यक्ष दीपेश मिश्रा के अध्यक्षता में हुई बैठक में राज्य एटक महासचिव हरिनाथ सिंह, सीटू के एसईसीएल प्रमुख वीएम मनोहर, इंटक के भागवत सिंह एवं अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

दीपेश मिश्रा ने बताया कि जिले मे औद्योगिक हड़ताल को सफल बनाने की रणनीति बनाई गई है। इसके तहत आठ फरवरी को बाल्को में एक कन्वेंशन किया जाएगा। इसमें जिले के सभी श्रम संगठनों के कार्यकर्ताओं को आमंत्रित किया जाएगा और हड़ताल करना क्यों आवश्यक है, इस पर गहन चर्चा कर रणनीति बनाई जाएगी। इसके बाद गेवरा में 14 फरवरी को कन्वेंशन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि केंद्रीय श्रम संगठनों ने दिल्ली मे संयुक्त कन्वेंशन कर औद्योगिक हड़ताल का ऐलान किया है।

श्रम संघों के शीर्ष नेताओं का कहना है कि केंद्र सरकार जो नीतियां बना रही है, उसके चलते देश के मेहनतकश संकट का सामना कर रहे हैं। देश के सार्वजनिक उपक्रमों को कमजोर किया जा रहा है, मेहनतकश कामगारों के अधिकारों को छीनकर आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा रहा है। कुछ चुनिंदा उद्योग घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए श्रम कानून को कमजोर कर श्रम कोड लाया जा रहा। देश में बेरोजगारी चरम सीमा पर है। देश में शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग सभी निजी हाथों में देने की ओर सरकार बढ़ रही है, इसका श्रम संगठन विरोध कर रहे हैं।बैठक में एमएल रजक, एसके सिंह, सुनील सिंह, धर्मेंद्र सिंह, एनके दास, कमर बख्श, सुभाष सिंह, राजेश पांडे, उज्जवल बनर्जी, नंदकिशोर साव, रेवत मिश्रा, मनोज शर्मा, प्रमोद बनर्जी,रामफल आदि उपस्थित रहे।

बीएमएस रहेगी हड़ताल से बाहर

केंद्रीय श्रमिक संघ प्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तावित हड़ताल से भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) बाहर रहेगा।राष्ट्रीय स्तर पर 11 श्रमिक संघ को मान्यता मिली हुई। वहीं वर्तमान में बीएमएस सबसे अधिक सदस्य संख्या वाला संगठन है। बीएमएस के पृथक रहने से हड़ताल पर असर पड़ेगा या नहीं, यह तो 16 फरवरी को ही स्पष्ट हो पाएगा।


Suraj Tandekar

Chief Editor

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