Korba

बैल के गले से घंटी खोलने के आरोप में पड़ोसी की हत्या, एक ही परिवार के 5 लोगों को उम्रकैद…

Korba Crime: बाड़ी का घेरा और बैल के गले से घंटी खोलने के विवाद में ग्रामीण की हुई हत्या के लगभग डेढ़ साल पुराने मामले में कटघोरा की एक अदालत एक ही परिवार को पांच लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषियों में तीन महिलाएं भी शामिल हैं।

बाड़ी का घेरा और बैल के गले से घंटी खोलने के विवाद में ग्रामीण की हुई हत्या के लगभग डेढ़ साल पुराने मामले में कटघोरा की एक अदालत एक ही परिवार को पांच लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषियों में तीन महिलाएं भी शामिल हैं। सभी को पुलिस ने गिरफ्तार कर सजा काटने के लिए जेल भेज दिया है।

अतिरिक्त लोक अभियोजन अधिकारी राकेश जायसवाल ने बताया कि घटना विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा ग्राम पंचायत कुम्हनीपाली के आश्रित ग्राम धजाक की है। गांव में रहने वाले बालसाय तिर्की उम्र 45 वर्ष का विवाद घटना से एक साल पहले से गांव में रहने वाले विरेंद्र एक्का के परिवार के साथ चला आ रहा था। विरेंद्र एक्का की बाड़ी का रूधान (घेरा) को तोड़फोड़ करने और बैल के गले से घंटी खोले जाने को लेकर दोनों परिवारों के बीच झगड़ा हुआ। एक्का परिवार को संदेह था कि बालसाय के परिवार ने बाड़ी का रूधान तोड़ा है और बैल के गले की घंटी को खोला है।

इसी बात को लेकर दोनों परिवारों के बीच विवाद फिर बढ़ गया था। 24 सितंबर 2022 की रात 8 बजे बालसाय तिर्की खाना खाने के बाद अपने घर में टीवी देख रहा था। इस बीच पड़ोस में रहने वाला विरेंद्र एक्का अपनी पत्नी बुधमनिया, मां खलासो एक्का, बड़े भाई फिरित एक्का और भाभी सोनामणी एक्का के साथ बालसाय तिर्की के घर पहुंचा। विरेंद्र एक्का के परिवार ने बालसाय के घर का दरवाजा खटखटाया। बालसाय के दरवाजा खोलते ही एक्का परिवार के सदस्य जबरदस्ती उसके घर में घुस गए।
बालसाय के साथ लड़ाई-झगड़ा और मारपीट करने लगे। उसे खींचकर विरेंद्र एक्का अपने घर ले गया। आंगन में ले जाकर खंभे में रस्सी से हाथ-पैर को बांध दिया। परिवार के सदस्यों ने लात-मुक्का, डंडा, लाठी से बालसाय को पीटा। उसे गंभीर चोटें आई थी। बीच बचाव करने बालसाय की पत्नी उर्मिला तिर्की पहुंची तब तक बालसाय की मौत हो चुकी थी। उसने घटना की जानकारी गांव में रहने वाले लोगों को दी। मोरगा पुलिस चौकी थाना बांगो को अवगत कराया गया।
पुलिस ने 25 सितंबर 2022 को बालसाय की हत्या का केस दर्ज किया। इसमें विरेंद्र, दिलीप, सोनामणी, बुधमनिया और खलासो एक्का को आईपीसी की धारा 147 (भीड़ एकत्र करना) , 148 (गंभीर होने तक पीटना), 450 (घर में घुसकर), 302 (हत्या) के तहत केस दर्ज किया। मामले की सुनवाई कटघोरा के द्वितीय अपर सत्र न्यायालय में चल रही थी। न्यायाधीश जितेंद्र कुमार सिंह की अदालत ने सबूत और गवाहों के बयान के आधार पर एक्का परिवार के पांच सदस्यों को दोषी ठहराया। सभी धाराओं में दोषियों को सजा सुनाई गई। हत्या के आरोप में एक्का परिवार के पांच सदस्यों को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 500 रुपए का अर्थदंड लगाया। जुर्माना की राशि अदा नहीं करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा देने का आदेश दिया।

हत्या की कोशिश के आरोपी को कोर्ट से नहीं मिली राहत, जमानत याचिका खारिज
एक अन्य मामले में युवक पर जानलेवा हमला के आरोपी रविंद्र यादव की कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी है। रविंद्र पर आरोपी स्कूलपारा लाटा क्षेत्र का रहने वाला है। घटना पिछले साल 18 दिसंबर रात साढ़े बारह बजे की है। रविंद्र यादव, उमेश साहू, सतीश राव, साहिल अंसारी, अजय खैरवार और रज्जब आलम आग जलाकर बैठे थे। इस बीच रज्ज्ब आलम और रविंद्र के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ। रविंद्र ने रज्जब को जान से मारने की धमकी देने लगा। अपने पास रखे टांगी से रज्जब के सिर पर वार किया।
घटना स्थल पर मौजूद साहिल ने बीच बचाव किया। घायल युवक को दर्री के एक निजी अस्पताल पहुंचाया गया। वहां से हायर सेंटर रेफर किया गया। घटना की सूचना पर दर्री पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपी रविंद्र यादव पर आईपीसी की धारा 394, 323, 506 और 307 के तहत केस दर्ज किया गया है। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तब से आरोपी कटघोरा उपजेल में बंद है। जमानत के लिए उसने याचिका लगाई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।


Suraj Tandekar

Chief Editor

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