तेंदूपत्ता तोड़ रही महिलाओं पर अचानक दो भालुओं ने किया हमला
घायल अवस्था में दोनों महिलाओं को डायल 112 के सहयोग से मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती किया गया है। जहां इलाज जारी है।
कोरबा: बालको वन परिक्षेत्र के ग्राम टापरा के निकट जंगल में तेंदूपत्ता तोड़ रही दो महिलाओं पर शनिवार की सुबह भालुओं ने हमला कर दिया। घायल अवस्था में दोनों महिलाओं को डायल 112 के सहयोग से मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती किया गया है। जहां इलाज जारी है।
वन क्षेत्रों में इन दिनों तेंदूपत्ता तोड़ाई का काम चल रहा है। जंगल में अधिक संख्या में लोगों का दखल बढ़ने से वन्य जीवी आक्रामक हो गए हैं। घटनाक्रम के अनुसार ग्राम टापरा निवासी फूलकुंवर राठिया 60 वर्ष व चंद्रमति कंवर 50 वर्ष अन्य ग्रामीणों के साथ जंगल में तेंदूपत्ता तोड़ने गई थी। पत्ता संग्रहण का काम लोगों ने शुरू ही किया कि अचानक चंद्रमति व फूलकुंवर ने बचाओ-बचाओ की आवाज में चिल्लाना शुरू कर दिया। आसपास पत्ता तोड़ाई कर रहे लोगों को समझते देर नहीं लगी कि दोनों महिलाओं पर किसी वन्य जीव न हमला कर दिया। निकट जाने पर पता चला कि महिलाएं जोड़ा भालुओं के हमले खुद को बचाने का प्रयास करते हुए दूर भाग रहीं है। भालू को देखकर लोगों ने भी शोर मचाना शुरू कर दिया। अधिक संख्या में लोगों को अपनी ओर आते देख दोनाें भालू जंगल की ओर भाग खड़े हुए। घटना में दोनों महिलाओं के हाथ और पैर में भाले के पंजे से खरोच आने से खून बह रहा था। ग्रामीणों ने वन विभाग को इसकी सूचना दी। विभागीय कर्मचारियों ने डायल 112 की मदद से दोनों महिलाओं को जिला अस्पताल में दाखिल कराया है। जहां उनका इलाज जारी है। वन विभाग की ओर से दोनों महिलाओं को सहायता राशि के तौर पांच-पांच सौ रूपए भुगतान किया है। बालको वन परिक्षेत्राधिकारी जयंत सरकार ने बताया कि पत्ता संग्राहकों को जंगल जाते समय भालू और हाथी से सावधान रहने के लिए कहा जा रहा है।
एक सप्ताह पहले महिला को उतार दिया था मौत के घाट
तेंदूपत्ता तोड़ रहे संग्राहकों भालू के हमले की यही दूसरी घटना है। चार दिन पहले कटघोरा वनमंडल के ग्राम सिमगा निवासी सीताबाई 60 वर्ष पर भी तेंदूपत्ता संग्रहण के दौरान भालू ने हमला कर दिया। चेहरे और पेट में से मांस नोच लिए जाने के कारण महिला की स्थिति गंभीर थी। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। उल्लेखनीय है कि पत्तों के साथ इन दिनों तेंदू के फल भी पेड़ों में पकने लगे हैं। मीठे तेंदू फल भालुओं का प्रिय आहार है। यही वजह है कि जंगल में बड़े तेंदू के झाड़ के आसपास भालू मंडराने लगे हैं।
कुदमुरा में विचरण कर रहे 18 हाथी
कोरबा वन मंडल के कुदमुरा वन परिक्षेत्र में इन दिनों 18 हाथी विचरण कर रहे हैं। हाथियों कर उपस्थिति को देखते हुए वन विभाग गुरमा व लबेद के तेंदूपत्ता फड़ को बंद करा दिया है। दल पर ड्रोन कैमरा से लगातार निगरानी की जा रही है। लोगों को जंगल की ओर न जाने की चेतावनी देते हुए लगातार मुनादी कराई जा रही है। उधर कटघोरा वन मंडल कापानवापारा के पास 49 हाथियों के दल ने पिछले दो माह से डेरा डाल रखा है। पानी और चारा उपलब्ध होने की वजह हाथी यहां लंबे समय से रूके हुए हैं।



