Korba Court News: अपहरण कर फिरौती मांगने वाले चार युवकों को आजीवन कारावास
पृथक-पृथक रूप से चारों आरोपितों को धारा 365 में सात वर्ष का सश्रम कारावास एवं एक हजार रूपये का अर्थदंड लगाया गया है।
अपहरण कर फिरौती मांगने वाले चार युवकों को आजीवन कारावास
कोरबा । ढाई वर्ष पहले एक युवक का अपहरण कर जर्जर मकान में बंद रख उसके साथ मारपीट की गई। बाद में युवक के स्वजनों से एक लाख रूपये की फिरौती मांगी गई। मामले में चार आरोपित को पुलिस ने गिरफ्तार न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायालय ने चारों आरोपितों को आजीवन कारावास सुनाने के साथ ही जुर्माना लगाया है।
ग्राम बेलटिकरी बसाहट दीपका निवासी तेजप्रकाश यादव 22 वर्ष 11 जून 2021 को कुसमुंडा थाना अंतर्गत गेवरा बस्ती में एक परिचित से मिल कर वापस लौट रहा था, तभी रास्ते में गेवरावस्ती निवासी दिवाली दास 24 वर्ष, जगमोहन उर्फ नान्हू श्रीवास 21 वर्ष, करण मिरी 26 वर्ष तथा मेलू बिंझवार 20 वर्ष उसे मिले। चारों ने तेजप्रकाश को अगवा कर मारपीट की और बाइक में बैठाकर गेवरावस्ती पुराना तालाब के पास ले गए, वहां जर्जर व खंडर मकान में आम के पेड़ में बांध कर रात भर रखा। बाद में चारों युवकों ने तेज प्रकाश के स्वजनों को धमकाते हुए एक लाख रूपये की मांग की तथा रूपये नहीं देने पर तेजप्रकाश को जान से मारने की धमकी दी। घटना के बाद तेजप्रकाश के नाना भागवत प्रसाद यादव को मोबाइल में धमकी दी गई। इस पर भागवत यादव ने घटना की सूचना कुसमुंडा में दी।
विवेचना के उपरांत पुलिस ने पतासाजी कर चारों आरोपितों को धारा 342, 364 ए, 365, 34 के तहत गिरफ्तार किया और विवेचना पश्चात अंतिम अभियोग पत्र प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी कटघोरा के समक्ष प्रस्तुत किया। विधिवत् सुनवाई के लिए न्यायालय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश कटघोरा को विचारण हेतु प्राप्त हुआ। अतिरिक्त शासकीय लोक अभियोजक अशोक कुमार आनंद ने बताया कि न्यायालय द्वारा आरोपितों के विरूद्ध आरोप तय कर विचारण पश्चात पाया गया कि आरोपितों ने तेजप्रकाश को अपहरण कर बेल्ट, हाथ, मुक्का से मारपीट किया। साथ ही उसे छोड़ने के एवज में फिरौती के रूप में एक लाख रूपये की मांग की। प्रकरण में न्यायालय द्वारा दोषसिद्ध पाने पर प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश के पीठासीन अधिकारी वेन्सेस्लास टोप्पो ने पृथक-पृथक रूप से चारों आरोपितों को धारा 365 में सात वर्ष का सश्रम कारावास एवं एक हजार रूपये का अर्थदंड, धारा 364 क में आजीवन कारावास एवं दो हजार रूपये अर्थदंड एवं धारा 342 में एक वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500 रूपये अर्थदंड से दंडित किया गया। प्रकरण में शासन की ओर से अभियोजन पक्ष को मजबूती से न्यायालय के समक्ष रखने का कार्य अतिरिक्त शासकीय लोक अभियोजक अशोक कुमार आनंद ने की।



