Korba Election 2023 News : हाथी से रहें सुरक्षित, शाम ढलने से पहले करें मतदान
Korba Election 2023 News कोरबा कटघोरा व कोरबा वन मंडल के धुर हाथी प्रभावित क्षेत्रों में विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियाें का प्रचार-प्रसार अभियान शुरू हो चुका है। वहीं दूसरी ओर वन विभाग ने गज यात्रा के माध्यम से लोगों को हाथी के दल से दूरी बनाए रखने के अभियान को तेज कर दिया है। शाम ढलने से पहले ही दिन में ही मतदान करने के लिए लोगों को प्रेरित किया जा रहा है।
हाथियों की बढ़ती संख्या और उत्पात के बीच प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों अब समझौता की जिंदगी जीना पड़ा है। विधानसभा चुनाव के लिए जिला निर्वाचन ने अधिसूचना तो जारी कर दी है लेकिन हाथी प्रभावित क्षेत्रों में शत प्रतिशत मतदान सुनिश्चित करने की दिशा में अभी तक कोई गाइड लाइन जारी नहीं की है। प्रभावित क्षेत्रों 60 से भी अधिक मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
पाली-तानाखार और रामपुर विधानसभा क्षेत्र सर्वाधिक हाथी प्रभावित क्षेत्र में आते हैं। ऐसे में सारी दारोमदार वन विभाग पर है। विभाग की ओर से आम लोगों को जागरूक करने के लिए गजयात्रा की शुरूवाता पखवाड़े भर पहले शुरू कर दी गई है। प्रोजेक्टर व मनोरंजन कार्यक्रम के माध्यम से लोगों लोगों को हाथी दूर रहने की समझाइश दी जा रही है। विभागीय अधिकारी की माने तो जागरूकता कार्यक्रम में अब लोगों को निर्भय मतदान के लिए प्रेरित किया रहा है। लोगों को समझाइस दी जा रही कि वे अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य करें। बिना विलंब किए पहला काम मतदान करें। शाम ढलने के पहले मतदान कर अपने घर में सुरक्षित रहें। लोगाें से कहा जा रहा है कि हाथी के दल पर दूरी बनाए रखें। दिन के अलावा रात के समय भी दल पर निगरानी रहेगी। मुनादी के माध्यम से लोगाें हाथी आने से पहले जानकारी दी जा रही है ताकि वे सुरक्षित स्थान की ओर जा सकें। बताना होगा कि कटघोरा के केंदई, पसान, एतमानगर, के अलावा कोरबा के पसरखेत रेंज के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों के मतदान केंद्रों में अन्य क्षेत्रों की तुलना में मतदान कम रहती है
लोनर हाथियों की बढ़ी संख्या ने बढ़ाई चिंता
कटघोरा वन मंडल में इन दिनों 48 हाथियाें का दल बनिया, पुटीघाट, केंदई के निकट जंगलों में चार अलग अलग क्षेत्रों में विचरण कर रहा है। माह भर पहले दल में लोनर हाथी की संख्या एक थी, वह बढ़ कर तीन हो गई है। दल से मिलाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली है। इसी तरह कोरबा मडंल के पसरखेत और बासिन में दो हाथियों का दल विचरण कर रहा है। यहां भी लोनर हाथी का भय ग्रामीणों में बना हुआ है।
थर्मल कैमरा की कमी, सामान्य से चल रहा काम
रात के समय हाथियों के दल पर निगरानी वन विभाग के लिए समस्या बनी है। विभाग के पास सामान्य ड्रोन कैमरा है, जिससे दिन के समय ही निगरानी की जा सकती है। ज्यादातर हाथी के दल अपना स्थान रात के समय ही बदलते हैं। ड्रोन कैमरा से अंधेरी रात में भी निगरानी की जा सकती हैै। विभाग के पास कैमरा उपलब्ध नहीं है। खरीदी के लिए निविदा जारी तो की गई थी लेकिन आदर्श आचार संहिता के कारण स्थगित कर दी गई है।
सप्ताह में 28 किसानों की 16 एकड़ फसल चौपट
खेतों में धान की बालियां लहलहाने लगी है। सुगंध पाकर हाथी दल ने इन दिनों जंगल छोड़ प्रभावित क्षेत्र के गांव के आसपास डेरा डाल रखा है। कोरबा व कटघोरा वन मंडल में हाथियों ने सप्ताह भर में 28 किसानों के 16 एकड़ खेत के फसल को चौपट किया है। इसमें चचिया, लुदुखेत, बनखेता, बनिया आदि शामिल है। बालियां आ चुकी धान की फसल हाथियों के लिए बेहतर चारा साबित हो रहा है। चट करने से अधिक दल के रौंदने से फसल को नुकसान हो रहा है



