बदली ली थी पहचान: रेलवे फाटक को तोड़ने वाला आरोपी बिहार से गिरफ्तार, 21 साल से था फरार
कोरबा रेलवे आरपीएफ ने 2003 से फरार एक आरोपी को बिहार से गिरफ्तार किया है। आरोपी उपेंद्र ने भैंसमा बंद फाटक को क्षतिग्रस्त कर दिया था। इस दौरान एक बड़ा रेल हादसा होते-होते बच गया था।
कोरबा रेलवे आरपीएफ ने 2003 से फरार एक आरोपी को बिहार से गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी बहुत ही शातिर है। वह रेलवे पुलिस को चकमा देकर पिछले कई वर्षों से फरार चल रहा था। वारंटी आरोपी उपेंद्र सिवान जिले के पचरूखी थाना क्षेत्र के जसौली पश्चिम टोला का रहने वाला है। आरोपी उपेंद्र कोरबा जिले के हीरापुर टाटीबंध के पास थाना बुढातालाब रायपुर में रहकर ड्राइवर का काम करता था। वह किराए के मकान में रहता था।
जानकारी के अनुसार, उपेंद्र ने कई साल पहले भैंसमा बंद फाटक को क्षतिग्रस्त कर दिया था, जहां एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया था। इस घटना के बाद से आरोपी ट्रक छोड़कर फरार हो गया था। कोरबा रेलवे आरपीएफ पुलिस मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी। काफी लंबे समय बाद उसके मूल निवास बिहार से रेलवे आरपीएफ पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है।
पुलिस उसे पकड़ने के लिए कई बार रायपुर स्थित किराए के मकान पर पहुंची। इसके बावजूद भी उसके मूल निवास का पता नहीं चल पा रहा था। कोरबा रेलवे आरपीएफ को मुखबिर से सूचना मिली कि उपेंद्र किसी काम से रायपुर आया हुआ था और बिहार में कहीं दूसरी जगह पर नाम बदलकर रहता है। कोरबा रेलवे आरपीएफ को इसकी सूचना मिली और टीम बनाकर बिहार के लिए रवाना की गई। कोरबा रेलवे आरपीएफ ने उसे बिहार से गिरफ्तार किया है।



